Can Hard Work Change Your Karma & Destiny? (Hindi) | Acharya Vinod Kumar Ojha

Episode 2 • September 05, 2026 • 00:38:02
Can Hard Work Change Your Karma & Destiny? (Hindi) | Acharya Vinod Kumar Ojha
Awake Wit Vivek
Can Hard Work Change Your Karma & Destiny? (Hindi) | Acharya Vinod Kumar Ojha

Sep 05 2026 | 00:38:02

/

Show Notes

In this episode of "Awake wit Vivek," host Vivek sits down with Dr. Acharya Vinod Kumar, a celebrated Vedic astrologer and gemologist who advises film stars, top business leaders, and global politicians. The conversation bridges ancient Vedic science with modern decision-making, exploring how karma, planetary energies, and past-life impressions shape the circumstances of everyday life.

- What Vedic astrology actually is and how it maps your karmic blueprint across lifetimes

- The role of the 16 sanskaras (life impressions) and how they accumulate as spiritual debt on the soul

- How Rahu Mahadasha works, why it delivers sudden rises and sudden losses, and how to work with its energy rather than against it

- Why famous celebrities, politicians, and IAS officers face public downfall and how specific planetary afflictions explain these patterns

- The connection between broken promises, ego, and the deterioration of Mars, Sun, and Jupiter in a birth chart

- How to begin healing karmic wounds by seeking forgiveness from those you have hurt, rather than relying only on rituals or remedies

- A Friday remedy using white rice and milk offered to flowing water to activate Venus and the Moon for financial and material improvement

- Acharya Vinod Kumar's near-term predictions for the current year and outlook through 2029

Resources and People Mentioned:

- Ramcharitmanas by Goswami Tulsidas

- Brihat Parashara Hora Shastra, Mansagari, Phaladeepika (classical Vedic astrology texts)

- Lata Mangeshkar, Amitabh Bachchan, Narendra Modi, Donald Trump (referenced as examples of Rahu's influence in charts)

- Shani Dev, Rahu, Ketu, Mangal, Shukra (planetary archetypes discussed in depth)

View Full Transcript

Episode Transcript

[00:00:00] Vivek Sanil: वेलकम टू अवेक विद विवेक जहाँ हम हिरन एनर्जीज, कॉस्मिक, लॉज और एंशियंट विजिट को डीकोड करते हैं जो हमारी डेली लाइफ को शेव करते हैं। आज के हमारे गेस्ट एंशियंट, वैदिक साइंस और मॉडन हाई स्टेक्स डिसिजन मेकिंग के बीच का ब्रिज है। ये 1 प्रोम सेलिब्रिटी वैदिक asटrलॉजtedspीkर और शॉर्ट आफ्टर एस्ट्रसिटीजस्ट है जो फिल्म, स्टार्स, टॉप, बिजनेस, आइकन्स और ग्लोबल लीडर्स को एडवाइज करते है। जेमोलॉजी और वास्तु से लेकर प्रोडक्टिव ट्रोलॉजी टॉक तक इनके इन साइट्स लोगों को इन एनर्जी और क्टर सक्सेस को ऑनलाइन करने में हेल्प करते हैं। प्लीज वेलकम ऑन द शो डॉक्टर आचार्य, विनोद कुमार, जी, नमस्ते, गुरूजी, जय, माता दी, जय माता दी। सबसे पहले जानना चाहेंगे की वैदिक एस्ट्रोलॉजी क्या ये हमारी स्पिरिचुअल जर्नी के लिए मदद कर सकती है। [00:00:50] Acharya Vinod Kumar: सबसे पहले मैं विवेकजी आपका और आपकी पूरी टीम का दिल से आभार प्रकट करता हूँ की दुबई में जब फर्स्ट टाइम आया था तो आपने इंटरव्यू किया और मुझे लगता है आज फर्स्ट शो है मेरे साथ आपका बराबर महादेव से प्रार्थना करूँगा माता रानी से प्रार्थना करूँगा की आपके जीवन में जो आपका हृदय है इतना नेक दिल हृदय है आपको ईश्वर दसों दिशाओं से स्कृति का योग बनाए बहुत बहुत किया। अब बात आता है की ज्योति को समझना आवश्यक है जो असली का हमने ग्राफ देखा है। 10 साल में ग्रोथ बहुत तगड़ा हुआ है हमने बहुत सारी कंट्री में हम जा रहे हैं और कम से कम 30 कंट्री के जो अलग अलग धर्म और अलग अलग सम्प्रदाय के जो लोग हैं ज्योतिश को जानना चाहते हैं, फ्यूचर जानना चाहते है कोई भी धर्म का व्यक्ति मिल जाए आप अपना फ्यूचर जानना चाहते है तो आपको हंड्रेड में ऐसी नाइनटी नाइन परसेंट लोग आपको बोलेंगे की हम अपने ज्योतिश को जानना चाहता है। समझना है की ज्योतिश का कनेक्शन क्या है। जिस तरीके से कहते है गुरु नहीं, गुरु बिन, ज्ञान, ज्ञान बिना आत्मा नहीं, गाँवहवेदपुराण पुराण क्या है, धर्म क्या है हमारा जो धर्म है कहते हैं न, सर्वे, सुखना, भवन, सर्वे संत धर्म। कोई मजहब या किसी व्यक्ति के बारे में बोला है तो जो वैदिक ज्योतिश वेद क्या है कि जो मनुष्य के जीवन में आज सुबह 1 रही थी तो मैंने उसे बताया की आत्मा का वजन कितना होगा। आपके हिसाब से किसी से पूछे की जो शरीर में हमारा सेवेंटी फाइव टी के नाइनटी किसी का कितना भी केजी वजन है बॉडी का शरीर के अन्दर जो आत्मा का वास है उसका वजन कोई कर सकता है लेकिन लूट तो सारा ले के वो आत्मा ही चलता है कितने जन्मों का वजन उसके आत्मा पर ले के शरीर का संचार करता है। और आप देखिये की जब शरीर से जीव निकलता है तो वजन अगर देखा जाए तो उसमे से कितना कम होता है। कभी रिसर्च हुआ कभी नहीं गुरुओं के माध्यम से गुरुकुल में गए तो हमारे संस्कार को बताए गए। हमारे जीवन में कितने प्रकार के संस्कार होते है किसी से अगर पूछा जाए तो इस पर कोई चर्चा नहीं करेगा लेकिन 16 संस्कार ले के हर धर्म का व्यक्ति आता है। लेकिन हम कहते हैं हम तो हिन्दु है, सनातन के लोग है जिसको हम मानते है और लोग अपने तरीके से मानते है। अगर संस्कार टोटल जोड़ा जाए तो 16 ही आयेंगे। जन्म से लेकर मृत्यु, उस जन्म से मृत्यु तक के अन्दर में कितने कर्म को हम क्रिएट करके आते है। अब आप इतने सारे टीवी चैनल पर जाता हूँ, इतने सारे रेडियो पर जाता हूँ, लेकिन स्नेह सब से है। लेकिन आपके प्रति मेरा लगाव क्यों हुआ? आप मेरे मुझे ही मेरे प्रति हमारी डिस्ट्री घूम घुमा के, हम लोग आपस में बार बार क्यों मिल रहा है या लाइफ में भी कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो घूम घुमा के 24 घंटे में उसकी और उसकी एनर्जी आपके जीवन में आते क्यों है? इसपर विचार कभी किया, कभी नहीं। तो समझना है की जब हमारा जन्म होता है तो कितने संस्कार को हम लेके आते है, उसका जो परिचय है, ज्योतिश कराता है। अच्छा जब तक आपकी बीमारी का आपको नहीं पता चलेगा की सर दर्द तो आपको हो रहा है लेकिन उसका कारण क्या है, सर्वाइकल से है, माइग्रेन है या अदर कोई प्रॉब्लम आपको है जब तक उस कारण को आप नहीं समझेंगे तब तक आप उसका इलाज करते रहिये पेन। किलर खाते रहिए और टेम्परेरी है। लेकिन ज्योतिश क्या करता है की आपके जीवन में किस संस्कार ऐसी आपको प्रेम मिल रहा है और किस संस्कार ऐसी आपको पेन मिल रहा है तो वो दोनो संस्कार का परिचय करा देता है। आपने किसी से हम लोग बार बार 9 ग्रहों के साथ सम्बन्ध को जोड़ते है तो संस्कार में भी तो सम्बन्ध बताया गया है। प्रातकाल उठकर रघुनाथा मात पिता, उन्होंने क्या संस्कार क्रिएट किया? बोले पृथ्वी माता है को जो आपको खड़ा करना, सिखाए और अन्य अन्न दे, आपका जीवन जो दे आपको जो चलना सिखाये वो कौन कर सकता है माता और जो संसार का परिचय प्रकाश में, आपके जीवन में कृति का योग बना। पिता। आपका जो सम्बन्ध देखा गया, सूर्य का सम्बन्ध पिता से देखा गया, चन्द्रमा का सम्बन्ध माता से देखा गया। तो क्या हमारे जो ऋषि, जो हमारे पूर्वज थे, वो क्या उनको हम क्या समझे कितनी बड़ी चेतना हमारे जीवन में देखे गए की भैया अगर आपके पिछले जन्म में माता का श्राप लगा हुआ है, ऋण लगा हुआ है तो आप प्रात काल उठ कर के समुद्र को प्रणाम तो करिए लेकिन समुद्र पर जो पृथिवी है उसको प्रणाम करिए और उस प्रणाम के बाद माता को ढूंढिए, उस प्रणाम के बाद पिता को ढूंढिए, बड़ो को ढूंढिए और उनकी एनर्जी लेना चालू करिए। हमने विवेक जी, इतने भाई लेवल के जो डिप्रेशन 10 10 साल से लोग मेडिसिन खा रहे थे, डिप्रेशन के, हमने उनके जीवन में छोटे छोटे प्रयोग देकर के जो परिवर्तन दे दिया। ज्योतिश को समझना क्या है, ज्योतिश आपके कर्म का जो होम वर्क आपने किया है, न वो आपका होम वर्ग का जो आपको नंबर मिले हैं, है, आपका किस में फेल हुए हैं, किसमे पास हुए उसका परिचय कराते है, उसको अगर हम समझ जाते है अब यज्ञ के द्वारा समझे सबसे पहले तो संस्कार को अगर हमने आपको पेन दे दिया है हम कितना भी मिठाई आपको भिजवा दे, कितना भी आपको फल भेजा दे लेकिन सबसे छोटा सा प्रयोग क्या होगा ये आपके गले लग जा और सौरी बोल दे तो मिठाई का एनर्जी हाई होगा भेजने में या आपके गले लगने की एनर्जी हाई होगी। सही बोला तो ज्योतिश क्या है आप हम किसी को मन से, वचन से, कर्म से कोई पीड़ा दिया है तो उसका भी कर्म। हमारे जीवन में आएगा किसी को हमने प्रेम दिया है उसका भी हमारे जीवन में आएगा फल। लेकिन हम उसको क्या देखते है कि हम संसार को क्या देते हैं। हमारा जन्म क्यों हुआ हमारा सबसे पहले हमें परपज समझना है। अब जैसे मैं यहाँ पर आया होटल से निकला तो 1 परपज लेके आया न। लेकिन अगर किसी भी व्यक्ति से विवेक जी आप पूछ लीजियेगा की इस जन्म में आपका जो आप जन्म लेके आये है क्या परपज है नहीं पता होगा नहीं होगा उसका जो परिचय जो है विवेक जी आपका लॉजिकल शास्त्र जो है ज्योतिश शास्त्र है वृगशगताहैमानसागरी है फलदीपिका है इतने हमारे ऋषियों ने तपस्या किया है, इतना मेहनत किया है जो अभी हो रही है घटना उसको आज से 2019 में प्रेडिक्ट कर दिया गया था किस टाइप का कुछ महामारी आएगी आपके साथ हमने कितना इन्टरव्यू की कब तक रहेगा कब खत्म होगा उसको हमने अपनी जेब से नहीं किया हमने अपने जीवा से पढ़ के कर दिया। हमारे ऋषियों ने तपस्या कितनी घोर तपस्या करके शास्त्रों में उसको पैक करके रख दिया है अगर उसका अध्ययन कर रहे हैं। अगर समुद्र के अन्दर से 1 बूंद उठा कर के संसार में चल रहे है तो भी लोगो को प्रकाश बन कर रहे है। तो जो बात दवा से हो के वो बात दुआ से होती है मिल जाए अगर कोई काबिल तो बात खुदा से होती है। भगवान अल्लाह, वाहे, गुर सब 1 है। 1 प्रकाश के पीछे क्या चल रहा है पॉवर चल रही है कल किसी ने हरा कर दिया है, किसी ने लाल कर दिया है, किसी ने भगवा कर दिया है। भगवान कहते है जाकी रही भावना जैसी भावना होगी। विवेक जी ने मुझे प्रेम भाई छोटा अपना भाई लगेगा, अपनी फैमली लगेगा, हमको दिखाई देगा, किसी को मित्र लगेगा वो दिखाए किसी को प्रेमी लगेगा, किसी को प्रेमिका लगे। जिसका जो भाव होता है म किस कलर के चश्मे से संसार को देखते हैं वो हम पर निर्भर करता है। ज्योतिश आपके कर्म को क्लीन करने का काम करता है। आपके कर्मों का परिचय कराने का काम करता है। सनी जी की प्लेसमेंट से आपके 7 जन्मों के रण पता चल जाते हैं क्या क्या अपने मिस्टेक कर के आये है। राहुल जी को पूरी दुनिया गाली देती है लेकिन आप समझिए ऐसे वो टीचर है राहुल जी हमारे की वो जितने लोगो के पनिशमेंट मिले हुए होते है उसको शोटकट निकाल के कार्ड के धर्म करा के यज्ञ करके पूजा पार्ट कराके किसी दान करा के, किसी की मदद कर के कहते है राहुल जी कहते हैं अरे यार चलो हॉस्पिटल में मेडिसिन पहुँचा 2 कोई बीमार बैठा है जी 10 आदमी को मेडिसिन दे दीजिये राहुल जी प्रसन्न करके आपका नंबर बढ़ा के आपको आगे निकालते है जी लेकिन हमारे वैदिक शास्त्र में जो 20 30 साल पहले से जो राहुल जी का अपमान सुना मुझे बहुत पीड़ा होती है रिसर्च करिए न राहुल जी अगर इतने बुरे थे तो महादेव को आशीर्वाद कैसे दे दिया भाई जो देवों के देव महादेव है उन्होंने आशीर्वाद दिया राहुल जी को और उन्होंने बोला की अगर सूर्य चन्द्रमा के आस पास लगेंगे तो ग्रहण भी लगेगा। तो विवेक जी समझना है की हमारे रिश्यों के द्वारा जो पद्धति है ज्योतिश का निर्माण हमारे औरा पर जो बोझ लेके आते है शरीर का बोझ तो हम जाके डिटॉक्स कर लेते हैं, जिम कर लेते हैं लेकिन आत्मा का आत्मा के लिए जो हम बोझा लेके आये है, कितने जन्मों का लेके आये है, उसमे प्रेम भी है, करुणा भी है, उदारता भी है, सहनशीलता भी है, दर्द भी है। बहुत सारे संस्कार को जो हम अपने सीने में लेके आये है और वो आत्मा उसको बेचारा बोझ ढो रहा है जो संसार की कोई भी तराजू उस बोझ को तौल नहीं सकता है और कुछ नम्बर बोझ को तोलता कौन है आपकी ज्योतिश शास्त्र की भैया इस टाइप का ये बोझ है इस टाइप का ये बोझ है इसको आप हल्का करिए ताकि आप अच्छे से दौड़ लगा ले [00:10:22] Vivek Sanil: तो इसके लिए तो काफी लोग आजकल तो वो और क्लेंजिंग करते हैं, बहुत से फैंसी वर्ड्स आते हैं जहाँ पर आप साल्टवाटर बात लीजिए तो उससे सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऑफकॉर्स थोड़ा अगर डीपर गए तो ये पूरा साइंस काम आता है। लेकिन आलसो गुरुजी जानना चाहूँगा की काफी लोग जो अपना भविष्य जानना ही चाहते हैं, जैसे ने शुरुआत में कहा बट, इसका 1 अप्रोच होना चाहिए। क्या कोई गाइड है की किस त तरह से हम अप्रोच करे [00:10:47] Acharya Vinod Kumar: ज्योतिश बहुत अच्छा देख। विवेक जी, क्या बोला इस कृपा जब आपके जीवन में अच्छे समय, आपके, पूर्वजों का आशीर्वाद, आपके गुरुओं का आशीर्वाद, आपके माता पिता का आशीर्वाद, सही डायरेक्शन, आपको कब मिलेगा जब आपका भाग्य बलवान होगा, बिना भाग्य के आपको कोई अच्छा टीचर नहीं मिल सकता है और वो अच्छा टीचर हो सकता है। देखने में सामान्य हो, आपका पड़ोसी हो, जो मंदिर का पुजारी है वो भी आपका टीचर हो सकता क्यूंकी संस्कार जिसके साथ जिसका जुड़ा होगा, मैं सोचूं, आचार्य विनोद मैं पूरे विश्व पर कब्जा कर लो नहीं हो सकता, भाई नहीं हो सकता है। इसको हमारे जोतिशियोंकोभी समझना आवश्यक है, जिसके साथ मेरा संस्कार जुड़ा होगा। 2004 हजार 10 हजार 1 लाख 10 लाख 1 करोड़। बहुत ज्यादा हमारे संस्कार जुड़े कितने भी धर्माचारी गुरु हुए, आप देखियेगा पृथ्वी पे पूरे वर्ड पर। इस समय जनसंख्या कितनी होगी? कम से कम 200 करोड़ के आस पास तो हो 203 सौ करोड़ मान लीजिए जी, अब 300 करोड़ में से सौ करोड़ के कितने कितने आचार्यों के पास कोई शिष्य है? परमात्मा की जो प्रकृति है, बहुत निराली है उन्होंने हमारे साथ जिसको हमारा संस्कार होगा हमे वही मिलेंगे लोग क्या होता है आपा धापी में 1 दुसरे को नीचा गिराने लगते हैं, आचार्य भी 1 दुसरे को नीचा अरे भाई जो आपके संस्कार के शिष्य है के संस्कार जो लोग है वो आपको मिलने जा रहे है, आपको उसमे परेशान होने की जरुरत नहीं है, लेकिन आप उन्ही पर करिए। लेकिन आप कहाँ होते है अपनी थाली छोड़ के दुसरे की थाली में देखना चालू कर देते है तो वहाँ पर सब मिस्टेक हो जाता है। और ईश्वर की कृपा के बिना कोई भी गुरु, कोई भी आचार्य मतलब, अच्छा कनेक्शन आपके जीवन में मिल नहीं सकता है। तो सबसे पहले ईश्वर उपासना बताई गई है। जो औरा क्लिंजिंग के बारे में आपने बताया बहुत अच्छा है की चलो थोड़ा बोझा हल्का होगा तो आदमी को ब्रह्मज्ञान की तरफ या जो हमारे जीवन में बुरे बुरे संस्कार है कर के हम अच्छे डायरेक्शन में चलना चालू हो जायेंगे और क्लींजिंग होना आवश्यक है। लेकिन आत्मा पर जो हमने आपका कर्जा लिया, मैंने उदाहरण दिया आपको मैं मिठाई कितना भी चढ़ा दूंगा, आपके नाम पे, माला भिजवा दूँ, सोने के गोल्ड के चयन भिजवा दूं, 1 घर खरीद के दे दूं, लेकिन आत्मा में जो 1 छोटा सा पेन होगा, जो हम आपको हृदय से लगायेंगे और दिल से सौरी बोलेंगे हम अपने तो नहसकाकोईतोलनहीं जैसे कोई कई अच्छे बच्चे हमारे जीवन में आते हैं, बोलते हैं। 4 जी मेरी गर्लफ्रेंड के साथ मेरा कनेक्शन अच्छा नहीं है, या कई बार जब हम कुंडली खोलते है तो बोल देते हैं की पति ने धोखा दे दिया, पत्नी ने धोखा दिया, तो मैं अपने जीवन में क्या करता हूँ, चलो ठीक है, आपका कनेक्शन खत्म हो गया आप। 1 दुसरे को आप मिलना भी नहीं चाहते, लेकिन आपके जीवन में आप आगे तब बढ़ेंगे जहाँ से आपने दर्द दिया है, इलाज, वही से प्रारंभ होगा। आप फ़ोन कर दीजिये अपनी तरफ से। 1 मेसेज कर दीजिये की मैंने आपके जीवन में बहुत पेन दिया, बहुत पीड़ा आपको पहुँचाए, उसके लिए मैं छमा चाहता हूँ। और उसको आप करके देखियेगा। तो हमारे जो जितने, बहुत से ऐसे जो भक्त हैं, जो मुझे मानते हैं, उसका प्रयोग वो जानते है की आचार जी के पास जायेंगे। तो पहले वो जहाँ से शुरुआत हुआ है, ऑपरेशन वही करेंगे, ऑपरेशन इस नहीं करेंगे कि तुम आ जाओ, यज्ञ कर, 2 रत्न पहना, 2 और भी कुछ कर नहीं भैया आपका जब तक ऑपरेशन जहाँ दर्द है, उसका ऑपरेशन नहीं होगा। हम कितना भी मेडिसिन आपको दे दे, कितनी भी बड़ी बड़ी, मल्टी, विटामिन आपको खिला दे, परिवर्तन आ सकता है, नहीं आ सकता है। तो बेहतर है की इलाज वहाँ पर किया जाए जहाँ पर दर्द प्रारंभ हुआ है। उसके लिए क्या होगा। जिसके द्वारा आत्मा को हमने पीड़ा पहुँचाई, जी उसका कनेक्शन होना आवश्यक है। बेहतर है कर लीजिये, 1 बार, 2 बार, 3 बार कर लीजिये, नहीं माफ़ करिए तो उसको भी दया आ जाए, कितना भी कोई दुखी हो या परेशान किया हो, 1 बार अगर हम माफी मांगना प्रारंभ कर देते हैं, 10 बार, 20 बार वो क्लोज कर देता है। नहीं चलो ठीक है, अब आप खुश [00:14:42] Vivek Sanil: रहो, बहुत ही सिम्पल ड्रमेड, ये शायद हम सबको पता भी है, लेकिन हम अप्लाई नहीं करते है। [00:14:48] Acharya Vinod Kumar: देखिये गोस्वामी जी ने विवेक जी कितना सुन्दर लिखा रामचरित मानस को अगर। 1 चौपाई उठाए रहित, धर्म नहीं, भाई, पर पीड़ा नहीं, संबाघमाईकहते है की आपके शरीर के माध्यम से किसी का हित हो जाए, किसी के जीवन में शांति आ जाए, किसी के जीवन में उदारता आ जाए, बड़ी बड़ी चिल्ला के चले जाए। 1 लो ऐसा करो। ऐसे ऐसे जोतिश नहीं है जब जिस वृक्ष में हमें गुरुओं के यहाँ हमने पढाई कहाँ किया, जिस वृक्ष में फल लग जाते हैं और झुक जाते हैं, सौ में होंगे, सरल होंगे, फालतू बातें नहीं बोलेंगे, किसी को नीचा दिखाने का प्रयत्न नहीं करेंगे। अगर आपके पास अभी हम बहुत सारे लोगों को मिलते हैं, नए नए धन आये होते, बहुत पैसे का सा करेंगे तो उनका क्या शनि पीड़ित है, उनको कहीं न कहीं विडम्बना में डालने वाला है। लेकिन क्या हम मानी अपने घर का, अपने पैसे का प्रदर्शन करेंगे? दिखाएंगे लोगो की भाई आज हमारे यहाँ इतने हजारों करोड़ रखा है, या आपके घर पर पैसा रखा है तो आप दुनिया को दिखाएंगे क्या? तो 2 टाइप का ज्ञान है और 2 टाइप का धर्म है। हम शॉर्ट कट तो लगाना चाहते हैं, लेकिन उस शौर्टकट के पीछे के संस्कार हमारे जीवन में क्या बने थे, पहले और क्या बन रहे हैं, [00:16:03] Vivek Sanil: जो बने [00:16:04] Acharya Vinod Kumar: थे वो हमको गर्द की तरफ तो लेके जा रहे हैं। और जो हम उसे एनर्जी में और जा रहे हैं, हम और डूबने वाले हैं। तो बेहतर है आपके जो प्रशंसक है आपको, आपका तो चैनल, बहुत से अच्छे युद्ध देखते हैं, आपने किसी को भी पीड़ा पहुँचाई है, वो चाहे माँ है, बाप है, भाई है, बहन है, पड़ोसी है। और आपकी आत्मा को पता होता है की मैंने इनके साथ चीट किया है, इनको दर्द दे दिया है, इनका धन ले लिया है। बहुत सारे लोग जो पैसा ले लेते हैं, मित्र से पैसा लेना हुआ, मीठा बनके ले लेते हैं, और बाद में वो पैसा वापस नहीं करते, नहीं करते। आप समझना है कौन से ग्रह का सम्बन्ध बन रहा है। शुक्र पीड़ित हो गया। आपके जीवन का, लग्जरी, चीजों का समावेश तो आपके जीवन में रहेगा, उसका उपयोग नहीं कर पाएंगे, वह पीस खत्म हो जाएगा। आपके जीवन से सुगंध, खत्म, विश्वास, घात, उसको बोलते है। शुक्र से क्या होता है, कलयुग में भौतिक, संसाधन, लग्जरी, जितनी चीजें हैं, वो सब शुक्र से प्राप्त होती है। लेकिन अगर आपने मित्र के साथ छल किया तो मंगल तो आपका पीड़ित हुआ, मंगल क्या होगा की आपको उसका भोग ही नहीं करने देगा। अच्छा तो बेहतर है की अगर हमने किसी से लिया भी है नहीं दे पा रहे है की भाई घबराए नहीं, मेरी नियत में मैं इसको दूंगा और आप संसार से जाने वाले भी हैं, तो अपने बच्चों को नोट करा, सामने बुलाइए, इनका इतना हमने ऋण लिया है। मेरी संपत्ति है इसको आप क्लोज करिए नहीं आप जब जन्म लेते हो तो क्या संस्कार बनाये। आपने उदाहरण से 1 करोड़ का आपने संस्कार बनाया और आपको कितना चुकाना पड़ेगा सौ करोड़ 1 का सौ आपको चुकाना पड़ेगा भैया, जब तक आपकी जर्नी स्टार्ट होगी, ये छोटी छोटी चीजें है और कई बार ऐसे होते हैं अपनी पत्नी को धोखा दे देते हैं अपनी गर्लफ्रेंड को धोखा देकर। 10 आदमी के साथ लगे है तो बुध आपका खराब हो गया। चन्द्रमा आपका खराब होगा, शुक्र तो आपका खराब है। आप कितने लोगो को देखते है जो सुन्दरता पर बहुत गुरुर होता है और वो क्या होता है की शुक्र साढ़े 4 साल तक उठा देता है। साढ़े 4 साल के बाद आप कितने बच्चों के चेहरे पर देखते है। झाइयाँ आ गयी हो गई कि कोई बड़ी प्रबल हो तो इन सब चीजों को समझना और इस कलयुग में तो तुरंत रिजल्ट चल रहा है इसमें अच्छा कोई डिले नहीं है अगर आप बुरा कर्म कर रहे है तो 12 वर्ष तक बुरा कर्म आपका पूर्ण फल आपको ले जाएगा लेकिन 12 वर्ष के बाद आपको 12 पीडियो डामे पहले 7 पीडी डायमेजहोतेथेतो अपने साथ अपने साथ 12 पीडियों को डायमेजकरनेऐसी बेहतर है। इस जन्म को ठीक कर ले ताकि सब अच्छा हो जाए। [00:18:27] Vivek Sanil: कहते है रहा है सब कुछ इंस्टेंट ली मिल रहा है, मुझे लग रहा है कि कर्म करने पर फल या फिर उसका आलसो। आपने राहु के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी दी। महादशा जब होता है किसी इंसान पर तो बहुत प्राउड इम्पैक्ट होता है। मैंने देखा है जैसे मेरी लाइफ में जब राहु महादशा चलाता तो मैं दुबाई आया और फिर अभी जुबेर शुरू हुआ तो मैं इस बात पे चलने लगा। तो महादशा को हम बहुत ही सीरियसली ले सकते हैं की बहुत बड़ा इम्पैक्ट होता है, हमारी लाइफ में बिल्कुल होता है। [00:18:57] Acharya Vinod Kumar: अब राहु जी आपके कहाँ पर बैठे हैं। शायद पांचवे घर पर, पांचवे घर में, बारहवें घर में विदेश यात्रा, बारहवे घर से लेके आते है। जो बारहवां घर होता है बाहर तो बारहवे घर के जो राहु होते अपने जन्म स्थान से दूर ले जाता है, पांचवे घर के जो राहु होते हैं रिलेशनशिप को डैमेज कर देते हैं, अच्छा एजुकेशन को खराब कर देते है, कर्म स्थान को खराब कर देते हैं, पति पत्नी के सम्बन्ध को डैमेज कर देते हैं। पांचवे घर के राहु, बारहवे घर के राहु, तृतीय घर के राहु, एकादश भाव के बाहर बहुत सारे लोगो को बारहवे घर का जो राहु में बहुत चिंतित रहते है की गुरूजी मेरा बारहवे घर का राहु है, क्यूँकी 12 साल में छठे आठवे बारहवे भाव को 1 दम फेमस कर दिया। लेकिन ये नहीं देखा की किस लग्न पर क् क्या प्रभाव है। अगर मेष लगन है तो राहु का अलग प्रभाव है, कन्या लग्न है तो अलग प्रभाव, वृष लगन है तो अलग प्रभाव है। हर लग्न का प्रभाव राहु जी का अलग है। लेकिन राहु जी का जो हम कनेक्शन देखते हैं आपकी आत्मा का तगड़ा कनेक्शन राहु जी जो भी देंगे, अचानक तगड़ा दे देंगे और अचानक आपके जीवन से कुछ भी छीन भी सकते है। उनके जीवन का सिस्टम चल रहा है, उनका जो नेचर है 1 बच्चे जैसा नेचर है अगर आपने मिस्टेक किया तो उठा के आपको फील करके आपकी लाइफ में आपका डैमेज कर देंगे 1 साल आपको बोलेंगे फिर तैयारी कर अगर अच्छा कर्म किया है तो आप बैठे हैं। अचानक पता चला जी 10 करोड़ के लॉटरी निकाल या किसी ने आपको कुछ बड़ा उपहार दे दिया, कोई पद, प्रतिष्ठा, पॉवर का योग बना दिया, आप शेयर मार्केट में पैसा लगाया और रात रात इतना पैसा आ गया, आपने लगाया हजार गुना आपकी लाइफ में आ गया। तो राहुल जी का जो नेचर है उनको समझना बहुत आवश्यक है। राहु जी सबसे पहले हम समझे है कौन अब राहुल जी हम जब राहु और केतु की पूजा करते है तो सर्प की पूजा करते हैं। सर्व का कनेक्शन महादेव ऐसी क्या है। बताई इतने अगर महादेव ने उनको पूरा भुजंग ऐसी लेके, इतने राहु आपके पत्र के भी कारक होते हैं, राहु आपके रक्षा के भी कारक होते हैं। अब हमारे जीवन में राहु की एनर्जी को हम समझते क्या है राहु अगर आपका आपको पनिशमेंट दे रहे है तो क्यो पनिशमेंट दे रहे, उस संस्कार को समझना आवश्यक है और अच्छा दे रहे है तो क्यों दे रहे है। उस अच्छे कर्मों को भी याद करना आवश्यक है। उस कर्म को और बढ़ा दीजिये। अगर किसी को राहु हमारे बहुत सारे और आप देखियेगा जितने फेमस लोग हुए हैं वर्ल्ड केंद्र की बात कर रहा हूँ। जितने जितने लोगो को रातों रात फेम मिला है आप उनकी कुंडली उठा के देख ले। राहु का विशेष प्रभाव उनके जीवन में है। लता दीदी की पत्रिका देखे की उनके जीवन में कितने साल की उम्र में राहु की माँ साल, निकाले, अमिता बच्चन साहब का देख लीजिए, मोदी साहब को देख लीजिए, अमिश देख लीजिये। जितने लोगो को ट्रंप की भी चर्चा कर लेते है। ट्रंप की पत्रिका में देखिये राहु पिछले जन्म के कर्म से उनको राजा तो बना दिया लेकिन हमारे हमने इस जन्म में क्या संस्कार क्रिएट कर रहे हैं। राहुल जी क्या कहते हैं आपको आप देखियेगा जो कठोर टीचर होता है वो क्या कहता है की कोई गलती मत करना होम वर्क अच्छे से करना। तो राहु जी को समझना है की हमारे वो ऐसे टीचर हैं हमने जो अच्छा कर्म किया है, जो हमें अच्छा मिल रहा है उसको और बढ़ा देना अच्छे कर्मों को और जो पनिषमेंट मिल रहा है कुम् पनिशमेंट के कारण को समझ कर के, राहु जी से माफी मांग कर के और उस अनंत जन्मों को जो हमने जीव को, प्राणी को, पक्षी को, किसी प्रकार की कोई पीड़ा पहुँचाई है उस कर्म को क्लीन करके इस जन्म में अच्छे संस्कार को एक्टीवेट करना है ताकि हमारा राहुल जी का जो पनिशमेंट चल रहा हो जल्दी समाप्त हो जाए, शॉट कर दे देंगे। राहुल जी जी 1 बार उनका हाथ पकड़ लीजिये, पैर पकड़ लीजिये, रो दीजिये। आप देखियेगा कि वो रातों रात आपको राजा बना देंगे जो मुख से कई बार गाली निकालना चालू हो। राहुल जी जाते अरे मेरे सामने बोल रहा है और कई बार निकल जाता है क्रोध में तो कान पकड़ लीजिये की राहुल मेरे ऐसे मिस्टेक हो गया क्यूंकी वो नोट कर लिया। अरे इसने तो गलत बोल गया है जी। तो हमारे जीवन में कहते हैं की किसी की लाइफ में अगर हमने पीड़ा परेशानी छल कपट का योग बनाया है तो उसके जो टीचर है, उसका जो डिपार्टमेंट है राहु जी का और राहु जी प्रकट कहाँ करेंगे आपको सनी जी के पास तो सनी जी तो न्याय के देवता हैं, आपने अच्छा किया है जी। राहु जी आपको फिल्टर करके सनी जी के सामने प्रेजेंट कर देते है। नहीं इसने बहुत धर्म किया है महाराज आपकी तरफ से जाके लड़ाई भी करना आपको रिप्रेजेंट करते हैं और आपके लिए न्याय की गुहार मांगते हैं। प्रभु बहुत अच्छा आदमी है उसको बचा दीजिए उनके कर्मों को देखना है। और कलयुग में तो नाइनटी नाइन परसेंट राहुल जी का प्रकोप है, शुक्र का प्रभाव है। तो हमने क्या किया सनी जी के सामने जाए तो और हम बुरे बन के जाए या हम अच्छे बन कर जाए। वो कनेक्शन राहुल जी का है और राहुल जी के टाइम पर जो नहीं सुधर पाया वो लाइट में कभी नहीं सुधर सकता क्यूँकी सी जी भी तो आपको पनिशमेंट दे। जब आपको पनिशमेंट मिलने लगती है तो आप नहीं सुधर सकते, आप डर जाते हैं, रोने लगते हैं, त्राहिमाम त्राहिमाम करने लगते है तो हम आप के माध्यम से समझाना चाहते है। अगर आपके जीवन में राहु की दशा रही है, अच्छा समय चल रहा है तो भी उनको धन्यवाद करके उस अच्छे कर्म को और बढ़ा दीजिये और बुरा चल रहा है तो क्षमा मांगे मुझ से जो भी अपराध हुआ है मैंने जिस जिस जीव को पेन दिया है या इस जन्म में किसी को आपने छल किया हो, चाहे लड़की हो, लड़की हो, पति हो, पत्नी हो, भाई हो, बहन हो, ऐसे बहुत सारे जो लोग है इस कार्यक्रम के बाद देखना जो भाई ऐसी कई सालो से बात नहीं कर रहे होंगे जी। तुरंत अपने संस्कार को, अपने संस्कार को आपने नहीं ठीक किया ही कितना भी भाग लीजिये जब राहु का समय समाप्त होगा तो सनी के सामने जब आपको प्रकट करेंगे तो आप रोयेंगे की राहुल जी के टाइम पे अच्छा क्यों करने है क्यूंकी तब तक वो सौ गुना बढ़ के आपको मिलेगा वो चाहे अच्छा हो चाहे पूरा सो गुरूजी। [00:24:43] Vivek Sanil: जब सेलेब्रिटीज पॉलिटिशंस और टॉप गवरमेंट ऑफिशियल बहुत सारे उतार चढ़ा होती है और बहुत ही हाई प्रोफाइल लोग होते है जब वो आपके पास आते है तो आप किस तरह से उन्हें हैंडल करते [00:24:53] Acharya Vinod Kumar: है विवेक जी उनके जीवन में संस्कार कितने लेके आते है। सेम 16 और संस्कार का लोड इतना बढ़ा के आते है क्यूंकि उन्होंने बहुत सारे अच्छे ऑफिसर होते हैं, ईमानदारी वाले होते है और कितने लोग गरीबों का 5 सौ 1010 हजार 1 लाख घर भेज भेज के जो बेचारे इतने बड़े बड़े संस्कार हमारे जीवन में लेके आते है तो राहुल जी उनके साथ क्या करने वाले हैं, सोच भी नही सकता। आप सोच रहे हैं न, तो उनके उसी टाइप का संस्कार क्रिएट होता है। बचाने तो डॉक्टर है, हमको ईश्वर ने अगर 1 डिपार्टमेंट दे दिया हीलर बना के भेजा है तो वो चाहे मेरे सामने चोर आ जाए, बदमाश आ जाए, डाकू आ जाए। हमारा कर्तव्य है की उसके जीवन में धर्म को कैसे बढ़ाए और धर्म उसके जीवन में बढ़ जाएगा तब भी उसकी रक्षा हो सकती है, नहीं तो शारीरिक व्याधा, आर्थिक, व्याधा और मानसिक व्याधा तीनों आने वाली है। कितनी बार आप देखते हैं की अपने जमाने में बहुत बड़ा आदमी था, आज वो रोड पे सो रहे है, उनके बच्चों ने उनको घर से निकाल दिया। आप देखते है की ये भी तो संस्कारी है न, भैया। तो आप हमारे जीवन में जब सेलिब्रिटी क्यों आता है और फेम के लिए आता है, जो पोलिटिशियन है वो अपने लिए, पॉवर के लिए आता है और जो आई एस अधिकारी है आईपीएस है वो अपने पद को प्रमोट करने के लिए आता है की हमे प्रमोशन चाहिए। कोई विधायक बन गया तो उसको मंत्री बनना है, कोई मंत्री बन गया तो बोले मुझे सांसद बना है, सांसद बन गया तो उसको मंत्री बनना है और मंत्री बन गया तो कैबिनेट मंत्री बनना है, कैबिनेट मंत्री भी बन गया तो बोले पीएम वाली कुर्सी मिल जाए। तो जो महत्वाकंशा है हमारे यहाँ बोला गया है की संसार में जो सबसे बड़ा अवगुण है वो क्या है? सबसे बड़ा दोष पाप का भी अगर पिता है जो पाप करने के लिए हमको प्रेरित करता है उसका पिता कौन है तो मोह है। अगर आपकी लाइफ में मोह आ गया और मोह क्या होगा की आप 1 पाप, 2 पाप, 3 पाप, 4 पाप इतने सारे संस्कार को आप लेके आयेंगे। रेमेडी क्या होता है? उनका संस्कार तो बोला गया कि बाद में क्लीन होगा। पहले आपको जो कार्मिक कनेक्शन आपने इतना बना लिया है, लाइफ में बुरे बना लिया है या जो रुकावटें आ रही है अलग अलग प्रकार का होता है। अब जिसे फिल्म स्टार है तो उसको फेम चाहिए तो फेम के जो देवता है वो शुक्र है और राहु हैं उनको ठीक करना है। राजनीतिक व्यक्ति है तो उसका मंगल और सूर्य ठीक होना चाहिए और कोई आईएस अधिकारी है तो उसमे मंगल, गुरु और सूर्य तीनों ग्रह अच्छा होना चाहिए। अब उस ग्रह का जो बोला गया है आपको यज्ञ करना है, तब करना है, रत्न के द्वारा रेमिडियनको करना है तो उनकी जो रेमिडी है वो तीनों रेमेडी को लाइफ में एक्टीवेट करना है और प्लस उसके बाद संस्कार को ठीक करना है। चलो आपने छल कपट करके बना भी दिया तो आप कुछ चैरिटी कर दीजिये, गौशाला बनवा दीजिए, कोई तालाब बनवा दीजिये, कोई धर्मशाला बनवा दीजिये या कोई हेल्थ के लिए मेडिकल स्टोर मेडिसिन के लिए हॉस्पिटल्स बनवा दीजिए, ज तो कोई भंडारा आप कर दीजिये। ताकि वो संस्कार जो है आपकी लाइफ में जो ओवर लोड हो गया उसको कम हो। जाए और आपके जीवन आप आगे उन्नति करते चले जाए। तो शुक्र राहु के रेमेडी अलग है, मंगल और सूर्य के रेमेडी अलग है। लेकिन मंगल, सूर्य, गुरु इन तीनों के रेमेडी अलग है। तो करप्शन जो करता है वो जो नीचे का सिस्टम होता है, मंत्री तो करता, सिखाता तो सिस्टम है जो सेलिब्रिटी हैं, सेलिब्रिटी को प्रॉब्लम क्यों होती है? [00:28:24] Vivek Sanil: या तो लोग उसका नाम पर नहीं [00:28:27] Acharya Vinod Kumar: नहीं क्यूँ उनकी लाइफ में संस्कार क्यों होता है। क्योंकि जब सेलिब्रिटी फेम आता है तो राहु क्या होता है। ईगो बहुत हाई दे देता है, उस सेलिब्रिटी क्या होता है। जब फिल्म बड़ा मिल गया, बहुत बड़ा नाम आ गया, उस समय आप सौ में सरल है तो राहु आपको 10 दिशाओं से आपको बचा के चलते जायेंगे। कितनी बार होता है। मैं कोई सेलिब्रिटी का नाम नहीं लूंगा। मेरे यहाँ बहुत बड़े स्टार आये, फिल्म स्टार आये, उनकी हिट मूवी हो गयी, हमारे साथ ढाई घंटे बैठे रहे हमारे मुंबई ऑफिस में, लेकिन 1 नन्ही बच्ची आई फोटो खिचाने के लिए। तो उन्होंने इगनोर करके चले गए। तो मुझे लगा की इसको क्या संस्कार इतनी देर बैठ कर के व्यक्ति ने क्या संस्कार बना के गया। आप धर्म की बातें इतनी करके गए हैं और 5 साल 7 साल की 1 बच्ची भागती हुई है। आपके शरीर से, उसको कोई एनर्जी थोड़ी है, आपकी और से उसको प्रभावित हो के आपके साथ फोटो खिंचाना चाहती है। तो जो भी सिलेब्रिटी को देख रहे हैं आपको फेम मिल जाए। रुक कर के प्रशंसक जो होता है न देवता देव रूप में भेजे गए। आपके पास गन है, अगर आपने उनको इग्नोर कर दिया तो आप कौन से ग्राहक को खराब करे। शुक्र आपका पीड़ित हो रहा है जिस पर आप घमंड करेंगे हरण तो उसी [00:29:39] Vivek Sanil: का होगा, [00:29:41] Acharya Vinod Kumar: काम आ गया है। मैं तो इतना बड़ा स्टार बन गया। तो आपके जीवन में राहु शुक्र अगर आप पीड़ित कर दिए, 1 पर्सनैलिटी आपकी खराब हो रही है, कलंक योग बन रहा है, कोई एलिगेशन आपके जीवन में आ जाता है, कोई न कोई आपके ऊपर ब्लेम लग जाएगा, आपका फेम रातों रात छिन जाता है जो पोलिटिशियन है जनता से बड़े बड़े वादे आपने कर दिया और जनता से जब आपने जब चुनाव लड़ा तो आपने बड़े बड़े वादे बोल दिया। मैं कराऊंगा कराऊंगा तो मंगल का सम्बन्ध है। सिर भूमि, पुत्रों, यमाग्रज साथ में सूर्य आपके पूर्वज भी बहुत प्रसन्न हुए कि देखिये मेरे बच्चे ने कितना बड़े बड़े वादे कर रहा है उसको कराएगा, जब आपने उसको नहीं कराया तो मंगल पीड़ित हो गया, सूर्य पीड़ित हो गया और आप अपनी पत्रिका में उठा के देखिये अगर मंगल सूर्य पीड़ित है तो आपके शरीर की जो रोक के लड़ने की क्षमता उसको खत्म करता है। मंगल जब खराब हो गए तो भूत प्रेत पिशाच किन्नर बहुत सारी बाधाओं का अटैक आपकी फैमिली में आ जाता है। आप कितनी बार देखते है, पत्नी की तबियत खराब है, पति की तबियत खराब है, बच्चे ड्रग्स लेना चालू कर क्योंकि मंगल का हनमान 40 बोलते है न भूत पिसाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुना है, जहाँ मंगल एक्टिवेट रहेंगे, मंगल अच्छे रहेंगे, वहाँ पर इस प्रकार की बाधाएं नहीं, आती है जीवन में। लेकिन जहाँ मंगल पीड़ित हो गए, वहाँ पर भूत प्रेत पिशाच तो आयेंगे और साथ में सूर्य क्या होगा, कहीं ले जाकर। आपको ऐसा फसाएगाकआपकोरातों रात, आपका फेम खत्म हो जाए। क्या बोल रहा हूँ की आप नेता हैं तो वही प्रोमिस करिए जिसको आप कर सकते हैं। आपने मुँह से बोल दिया की मैं आप के लिए स्कूल बना रहा हूँ। तो स्कूल का सम्बन्ध गुरु ऐसी भी है और बुध से भी है। तो अगर आपने संस्कार को पूरा नहीं किया आपके हाथ में पॉवर होने के बाद भी तो आपका बुध खराब हो गया और गुरु खराब हो गया। इस कृपा गुरु नहीं गुरु, बिन ज्ञान, ज्ञान बिना आत्मा नहीं, गाँव ही पुराण, जिसका गुरु खराब हो गया। आप देखियेगा लीवर, खराब हो जाता है। किडनी की प्रोबलम बड़े से बड़े राजनीतिक लोगों को रिसर्च कर लेना। मैं बोल रहा हूँ जिन्होने जनता ऐसी प्रोमिश किया, जनता मतलब कौन है, जानते हैं आप चन्द्रमा मनुष्य हो जाता, चच्चू सूर्यो जायत। आप प्रजा के पिता है और माता है। जनता मतलब संतान होता है और संतान का सम्बन्ध मंगल से भी देखा जाता है, सूर्य से भी देखा जाता है। आपने अपने संतान के साथ छल कर दिया तो आपके जीवन में मंगल पीड़ित हो गया, गुरु पीड़ित हो गया और सूर्य पीड़ित हो गया तो उसका प्रकोप आपके जीवन में आ गया। अब आते हैं आईएस अधिकारी लोग, आप 1 पद का फीस ले रहे हैं, महीने में तन का ले रहे हैं। उसके बाद आप करप्शन दबा के करते है। करप्शन के जो स्वामी हैं, स्वामी कौन है सनी महाराज जी है। ऐसे कठोर दंड से बजे का पाठ करेंगे की आपका आपके जीवन में तूफान आ जाएगा। आप हज़ारों करोड़ रूपए बना लीजिये लेकिन आप पूरे जीवन उसका भोग नहीं करते। और लास्ट में क्या होता है। आपके संतान आपके जीवन में लाख मार के आपको भगा देती है। क्यूँकी? सनी जी कहते है जैसे इसने जनता को दर्द दर्द की ठोकर खिलाया है, मैं इसके जीवन में हजार गुना यात्रा बना कर के शनिदेव जी का बचन है। इसके जीवन में बहुत प्रकार की यातना बना कर इसको दर्द दर्द की ठोकर में खिलाऊंगा। तो समझना है की हमारे जीवन में जो संस्कार से प्रारंभ हुआ और संस्कार से अस्त हो रहा है। इस कार्यक्रम को शनि देव जी की यात्रा से बचना चाहते हैं। आप समझ ले की अगर जो आप छल कर रहे हैं, जनता को दौड़ा रहे हैं, वो गरीब लोग जो आपके यहाँ दौड़ रहे हैं वो सब नोट कर रहे हैं। शनि देव जी उनके प्रकोप से अगर आपको बचना है तो जनता की भलाई के लिए कार्य, जिसके लिए आप तनखा ले रहे है, वहाँ नियुक्ति आपको हुई है, अगर उसका पालन नहीं करते है। पालन का, कर्म का, जो पालन के देवता शनिदेव जी है। आप इसका ध्यान रखे ताकि आप सबके जीवन में आनंद का योग बहुत बढ़िया गुरुजी। [00:33:32] Vivek Sanil: 1 आखिरी सवाल बिफोर लेट। यू गो हम जब रहते हैं, हम छत होता है, खाना पीना होता है, सब कुछ सही चल रहा होता है तो हम उतना ध्यान नहीं देते हैं। बाकी संसार में क्या हो रहा है, सब कुछ सही चल रहा होता है। लेकिन जब मुश्किल आ जाती है तो बहुत सारे क्वेश्चन हो जाते हैं। आम शोर काफी लोग जो है इस वक्त यह टाइम पे करियर में या फिर अपने फानेंशियल रेस्पांसिब्लिट्स को लेकर कभी कभी स्टक फील करते हैं तो उनके लिए कोई उपाय या कोई रेमेडी या कोई ऐसी चीज आप कहना चाहोगे ताकि उनका पर्स्पेक्टिव थोड़ा सा। बदल सके। [00:34:06] Acharya Vinod Kumar: देखिये हमारा जो जन्म हुआ हमने 1 मुस्लिम सूफी संत थे, उनकी लाइन हमको बचपन में 14 15 साल की उम्र होगी। मेरी मेरे माइंड में बस गयी। उन्होंने कहा इंसान खुद खुदा था, उसकी ख्वाइशों ने उसको बंदा बना जब जन्म लिया बच्चा तो भगवान अल्लाह गॉड वाहेगुरु के रूप में था। लेकिन जैसे जैसे उसकी लाइफ में ख्वाइसे आई वैसे उसके जीवन में उसको इंसान फिर इंसान से नीचे बनाते बनाते कहाँ पहुँचा दिया। जिस पर आज हमारा चर्चा भी रही है। उन तमाम लोगों को समझाना चाहते हैं की जब आप सृष्टि में जी रहे हैं तो आप बहुत सारे ऋण को लेकर आते हैं। आपके बुरे समय पर आपका कौन मित्र, कौन भाई या कोई व्यक्ति आपकी लाइफ में कोई मदद किया है उस मदद को याद करिए। जब आपके जीवन में कोई भी समय अच्छा आए तो उसका ऋण आपको उतारने का प्रयत्न करना चाहिए। ऋण उसी को उतार के नहीं होगा। आप जैसे दर्द में कोई व्यक्ति हो उसका भी अगर आपने भला कर दिया तो ऋण उतर गया। पहला चीज, दूसरा जो अभी समय चल रहा है। देखिये जाते जाते 23 छोटी छोटी भविष्य वाणी देकर जा रहा हूँ। अभी आने वाला समय ये साल जो है क्लोजर का साल है। 27 में थोड़ा रनिंग चालू होगी, 28 ऐसी थोड़ा और बैलेंस होगा, 29 ऐसी सृष्टि, एकदम सब ठीक हो जाएगा। तो आप समझिएगा ये जो साल है इसमें जून तक तो बहुत घटना दुर्घटना बहुत बुरा समय था जो हमने बताया था और आपने भी देखा होगा। जुलाई से थोड़ा धीरे धीरे स्टार्ट होगा, फिर थोड़ा फायर हो जाएगा सृष्टि पर फिर लगेगा की सब खत्म हो गया। फिर 15 दिन, 20 दिन अच्छा चलेगा, फिर ऐसा समय चलेगा तो अभी जो समय है। 1 भविष्य वाणी है जो ईगो में रहेंगे वो अपना पतन कर लेंगे चाहे वो नेता हो, अभिनेता हो, व्यक्ति हो तो ईगो का परित्याग हमें कर देना है। जोटी सान नहीं रखना है अपने द्वारा किसी के जीवन में हम भला कर सकते है, ऊपर नहीं देखना है अपने नीचे के जो लोग हैं जो हमको फॉलो करते हैं या हम जो विचारों को भोजन नहीं मिल पा रहा है उनकी लाइफ में परिवर्तन लाना चालू करो क्योंकि धर्म क्या है धर्म को हमने स समझाने का प्रत्न है की आपकी लाइफ में 1 कुंडली का संस्कार तो आपको खत्म करना है, लेकिन जो बेसिक प्रॉब्लम पूरी सृष्टि में चल रहा है परहित सरिस धर्म नहीं भाई जो सिख धर्म है, हम उसको इतना प्यार क्यों करते हैं? हर धर्म की अपनी क्वालिटी है क्यूँकि वो मजाक पूछ कर किसी की मदद नहीं करते है। भूखा है बिठा के भोजन कराएंगे और अच्छा सबको 1 समान का भोजन करेगा ये नहीं की कोई बड़ा आदमी है, कोई छोटा आदमी है सनातन धर्म क्या कहता है सर्वे सुख अगर हम और भी धर्म का देखे तो वहाँ पर भी जहाँ धर्म आता है, वहाँ पर कोई भेदभाव नहीं है। यह भेदभाव सब राजनीति है पॉवर के लिए, ईगो के लिए है जो पॉवर, ईगो और श्रेष्ठ बनने की जो जहाँ मनुष्य के जीवन में है, यहाँ पर धार्मिक उत्पत्ति होती है जिसको अपने जीवन में नहीं आने देना है। दूसरा आप 1 उपाय बहुत सारे जो एंजाइटी है की आने वाला समय कैसे हो, गा गा तो उनके लिए महालक्ष्मी जी का उपाय बता रहा हूँ। अगर आप अपनी लाइफ में बहुत लो फील कर रहे हैं, आप अपनी लाइफ में करियर में कुछ अच्छा नहीं कर पा रहे हैं तो फ्राइडे के दिन इस उपाय को करना है। आपको ढाई सौ ग्राम सफेद चावल लेना है और सवा किलो दूध लेना है उसको मिक्स कर के सुबह सुबह प्रात कालीन अपने देवता लोगों को मानते हुए, उनको प्रणाम करते हुए, लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए, बहते हुए जल में 7 शुक्रवार के दिन इस युग को करिएगा तो शुक्र चन्द्रमा आपके लाइफ में एक्टीवेट होंगे। आप देखेंगे की लग्जरी चीजें ठीक हो रही है, धन आपके जीवन में आ रहा है और आपके जीवन में नाना प्रकार की सुख संपदा का योग बनता जाएगा। आने वाला समय आप सबका अच्छा होता चला जाएगा। [00:37:49] Vivek Sanil: बहुत बढ़िया गुरुजी, इट वाज सच न इनसाइटफुल सेशन इतना कुछ जानने को मिला [00:37:54] Acharya Vinod Kumar: आज आप भी श्रेष्ट है तभी तो ऐसा हो पाया बहुत बहुत शुक्रिया थैंक यू जय माता दी, जय माता दी।

Other Episodes

Episode 1

August 27, 2026 • 00:02:12
Episode Cover

Introduction - 3 words that changed my life

Awake wit Vivek is a podcast hosted by Vivek Sanil, a radio presenter with nearly 20 years of experience, who embarked on a profound...

Listen

Episode 1

August 29, 2026 • 00:36:59
Episode Cover

Decoding Enlightenment: Ancient Wisdom, Modern Realities with Yogacharya Sanjeev Krishnan

In this debut episode of Awake wit Vivek, host Vivek sits down with Yogacharya Sanjeev Krishnan, an international wellness leader, yoga teacher, and author...

Listen

Episode 6

October 03, 2026 • 00:39:35
Episode Cover

BHAKTI AUR BHAVISHYA: Oct Nov Dec 2026 Zodiac Predictions (All 12 Signs)

Bhagwan ko paane ke liye mandir jaana zaroori hai ya man ka bhaav? Is powerful podcast me mere guest hai Sandeep Bhargava Ji, jinhone...

Listen